हिमाचल में बढ़ा फुल मून पार्टियों का चलन, जानिए क्या है कारण

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हिमाचल में फुल मून पार्टियों का चलन बढ़ गया है, इससे युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में डुबोया जा रहा है। इन पार्टियों के बहाने तस्कर नशीले पदार्थ परोसते हैं।

शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश में जन्मदिन मनाने के बहाने फुल मून पार्टियों का चलन बढ़ गया है। इससे देवभूमि की समृद्ध संस्कृति को चोट पहुंच रही है। फुल मून पार्टियों में युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में डुबोया जा रहा है। उन्हें नशे की ओर बढ़ने का प्रलोभन दिया जा रहा है। इससे युवाओं में नशे का जुनून बढ़ रहा है।




नारकोटिक्स क्राइम रोकथाम करने से जुड़े रहे जानकारों के अनुसार कुल्लू व कांगड़ा जिलों में जन्मदिनों के बहाने युवक-युवतियां फुल मून पार्टियां आयोजित करते हैं। इनके बहाने तस्कर नशीले पदार्थ परोसते हैं। इन पार्टियों में चरस से लेकर अफीम तक के तस्कर सक्रिय रहते हैं। इस आयोजन के लिए जंगलों को चुना जाता है जहां प्रशासन की पहुंच न हो। कई बार ऐसी पार्टियों के संबंध में प्रशासन को भी जानकारी होती है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें नेता भी पुलिस से जन्मदिन पार्टी मनाने के लिए आयोजन की अनुमति देने की सिफारिश करते हैं।




ऐसा रोजगार पाने के नाम पर किया जाता है। इन पार्टियों में डीजे संचालक भी खूब कमाई करते हैं। तस्करों का नेटवर्क इतना बड़ा होता है कि वे इसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल कर लेते हैं। फुल मून पार्टियों में देश-विदेश की महिलाएं भी बुलाई जाती हैं। पुलिस के अनुसार अब प्रदेश की युवतियां भी ऐसी पार्टियों में शिरकत करने लगी हैं।

कुल्लु जिले में ऐसा काफी समय से हो रहा है। पार्टी के लिए स्थान एकांत स्थल चुना जाता है। इनमें चरस, अफीम व शराब परोसी जाती है। फुल मून पार्टियों में अनैतिक कार्य भी होते हैं। कई मामलों में पुलिस ने डीजे जब्त भी किए हैं। लेकिन इस तरह का आयोजन करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। पार्टियों में छोटी उम्र के युवा भी शामिल हो रहे हैं। अमीर घरानों के लोग इन्हें कई तरह के प्रलोभन देते हैं।