बर्फ में पांच दिनों से फंसी छह जिंदगियां, गाड़ी में काटनी पड़ रही सर्द रातें

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शिमला से वाया जेएंडके होकर पांगी में जुकारू उत्सव में शरीक होने जा रहे छह लोग गलाहार नाले में पांच दिनों से बर्फ में फंसे हुए हैं। इन लोगों को निकालने के लिए अभी तक प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

इसके कारण फंसे हुए लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। इन लोगों को खाने की तलाश में पांच किमी दूर गलाहार गांव जाना पड़ रहा है। वहां पर तीन से चार परिवार रहते हैं। ये परिवार फंसे हुए लोगों को खाने के लिए खाना तो मुहैया करवा रहे हैं। लेकिन उनके रहने की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि सभी परिवारों के पास रहने के लिए एक या दो कमरों से बड़ा मकान नहीं है। इसलिए फंसे हुए छह लोगों को रात काटने के लिए गांव से वापस गाड़ी तक पहुंचना पड़ रहा है।

मोबाइल फोन भी बंद, परिजनों से नहीं हो रही बात

उनके मोबाइल फोन भी बंद हो चुके हैं। चार दिन पहले जब वह पठानकोट से पांगी को रवाना हुए थे। उसी दौरान उनकी आखिरी बार अपने परिजनों से बात हुई। उसके बाद दोबारा उनकी बात नहीं हो पाई।

फंसे हुए लोगों में बिट्टू ठाकुर निवासी किलाड़, सन्नी निवासी किलाड़, मन्ना निवासी चुराह,  राजू निवासी किलाड़, राकेश निवासी करयूनि और रोनी निवासी करियास के नाम शामिल हैं। नायब तहसीलदार पांगी संदीप कुमार ने बताया कि उनके ध्यान में गलाहार में छह लोगों के फंसे होने का मामला नहीं है।

मंगलवार को जम्मू बॉर्डर तक सड़क से बर्फ हटा दी जाएगी। साथ ही बीआरओ को भी जम्मू की तरफ से बर्फ हटाने को कहा जाएगा। अगर गलाहार में लोग फंसे हुए तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।